नई दिल्ली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नक्सलवाद के खात्मे संबंधी बयान का समर्थन करते हुए भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि देश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में है और केंद्र सरकार की सख्त नीति के चलते यह जल्द पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि गृह मंत्री ने स्पष्ट किया है कि घुसपैठियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें भारत की धरती पर रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि घुसपैठियों को अपने देश वापस लौट जाना चाहिए, क्योंकि भारत की सुरक्षा और संप्रभुता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि असम में भाजपा सरकार बनने के बाद नक्सलवाद को पांच साल के एजेंडे में शामिल कर निर्णायक रूप से समाप्त करने की दिशा में काम किया जाएगा।
इंडिया एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि दिल्ली में आयोजित एआई समिट अत्यंत सफल रहा और ‘एआई फॉर ऑल’ के नारे के साथ संपन्न हुआ। उनके अनुसार, इस कार्यक्रम में दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों के सीईओ और विभिन्न देशों के प्रमुखों ने भाग लिया, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस महत्वपूर्ण आयोजन को विफल करने की कोशिश की। पहले राहुल गांधी विदेशों में जाकर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते थे और अब देश के भीतर भी ऐसा ही कर रहे हैं।
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और यहां तक कि एनएसए लगाने पर भी विचार किया जाना चाहिए। विपक्ष के नेता का अर्थ देश का विरोध करना नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के इस रवैये की समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसे विपक्षी दलों के नेताओं ने भी निंदा की है और कांग्रेस को इस मामले में देश से माफी मांगनी चाहिए।
एसआईआर प्रक्रिया पर बोलते हुए भाजपा नेता ने कहा कि यह एक आवश्यक और पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से मतदाता सूची को शुद्ध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कई ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची में बने रहते थे जिनका निधन हो चुका था, जिससे फर्जी मतदान की आशंका रहती थी। एसआईआर के जरिए ऐसी गड़बड़ियों को दूर किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं हटाया गया है और इसका उद्देश्य केवल चुनावी प्रणाली को अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है।

